बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में साइबर ठगों ने महिला को सेक्सटॉर्शन का शिकार बनाया। साइबर ठगों ने पहले महिला को अश्लील वीडियो देखने पर केस दर्ज होने की धमकी दी। वहीं महिला के डर और बदनामी के बचाने के लिए ठगों के बैंक अकाउंट में 8 लाख 45 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। हालांकि बाद में सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने शिकायत में बताया कि, पीड़ित महिला को किसी एक अनजान नंबर से कॉल आया था। जिसमें फोन करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। और आरोप लगाया कि, वह बच्चों की आपत्तिजनक वीडियो देखती है। और उनके नाम पर थाने में केस दर्ज हुआ है। यह आरोप सुनकर महिला बहुत डर गई और बदनामी के चलते ठग को पैसे ट्रांसफर कर दी। महिला को जब ठगी होने की एहसास हुई तो सिविल लाइन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
वहीं ठगी अफसरों ने महिला को अलग-अलग तरीकों से धमकी दिया। और कहा कि जांच में सहयोग न करने पर उसे जेल जाना पड़ सकता है। साथी ठाकुर ने कहा कि इस घटना की जानकारी किसी से साझा की। तो टीम कभी भी घर पहुंच सकती है। जिसके बाद गिरफ्तार कर उन्हें जेल भी भेज दिया जाएगा। वहीं महिला उनकी बातों को सुनकर बहुत डर गई। साथ ही डर और बदनामी के चलते उन्होंने इस घटना की जानकारी अपने परिवार वालों को भी नहीं दी। और ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का धमकी दिया। इसके बाद महिला ने डर और बदनामी से बचाने के लिए किस्तों में करीबन 8 लाख 45 हजार रुपए ठगो के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी।
हालांकि, इसके बाद भी साइबर ठगों ने महिला पर दबाव डालकर डिमांड करना बंद नहीं किया। जिससे महिला का बढ़ते मानसिक दबाव और डर से परेशान होकर हिम्मत जुटाकर सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।