
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कलेक्ट्रेट परिसर में चोरी की एक बड़ी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। छत्तीसगढ़ वेयरहाउस कॉर्पोरेशन में कार्यरत कर्मचारी विनय कुमार रामटेके के स्कूटर की डिक्की से अज्ञात चोर ने दिनदहाड़े एक लाख रुपये नकद चुरा लिए। यह घटना तब सामने आई जब रामटेके कुछ देर के लिए ऑफिस के अंदर गए थे। घटना के बाद से परिसर में हड़कंप मच गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

जानकारी के मुताबिक, गुढ़ियारी निवासी विनय कुमार रामटेके 19 मई की सुबह निजी कार्य से एक लाख रुपये नगद लेकर कार्यालय पहुंचे थे। दोपहर करीब 2:45 बजे वे अपने सहकर्मी जितेंद्र बंजारे के साथ कार्यालयीन कार्य से कलेक्ट्रेट स्थित ट्रेजरी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने हीरो मैस्ट्रो स्कूटर (क्रमांक CG 04 HY 1587) की डिक्की में नगदी रखी और डिक्की को लॉक कर पोस्ट ऑफिस के सामने परिसर में वाहन पार्क किया।करीब 2:55 बजे दोनों कर्मचारी ट्रेजरी कार्यालय में दाखिल हुए और 3:15 बजे लौटकर जब स्कूटर की डिक्की खोली, तो उसमें रखे एक लाख रुपये गायब थे। आसपास काफी खोजबीन की गई, लेकिन नगदी का कोई सुराग नहीं मिला।

पीड़ित विनय कुमार रामटेके का कहना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके स्कूटर की डिक्की का लॉक तोड़कर नगदी चुरा ली। घटना की सूचना तुरंत संबंधित थाने को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। कलेक्ट्रेट जैसा संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र होने के बावजूद इस प्रकार की चोरी ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
