
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बोलेरो वाहन चढ़ाकर पिता-पुत्र की हत्या करने की दिल दहला देने वाली घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में गंभीर लापरवाही बरतने पर रामानुजनगर थाना प्रभारी राजेंद्र साहू को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने आदेश जारी कर उन्हें रक्षित केंद्र भेज दिया है। वहीं उनकी जगह आलरिक लकड़ा को रामानुजनगर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

खेत में मूंगफली खाने से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर जिले के तीवरागुड़ी गांव निवासी त्रिवेणी रवि के खेत में मूंगफली की फसल बोई गई थी। सोमवार शाम उनका नाबालिग बेटा करण रवि (16) खेतों की रखवाली के दौरान मूंगफली खा रहा था। इसी बीच रिश्तेदार नर्मदा सोनवानी अपने दोनों बेटों के साथ बोलेरो वाहन से वहां पहुंचे। उन्होंने करण पर मूंगफली उखाड़कर खाने का आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई शुरू कर दी। शोर सुनकर करण के पिता त्रिवेणी और बड़ा भाई भी वहां पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा और गाली-गलौज के साथ मारपीट की।

थाने में भी दी गई धमकी
घटना के बाद दोनों पक्षों को पुलिस थाने लाया गया। पीड़ित परिवार ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि थाने के बाहर और पुलिस के सामने ही नर्मदा सोनवानी और उसके बेटों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। यहां तक कि कहा गया कि स्कूल जाते वक्त या रास्ते में कहीं भी मिलेंगे तो गाड़ी से कुचलकर हत्या कर देंगे। पीड़ित पक्ष ने तत्कालीन थाना प्रभारी राजेंद्र साहू से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें थाने से यह कहकर लौटा दिया कि “कुछ नहीं होगा”।
बोलेरो से कुचलकर की हत्या
कुछ ही देर बाद जब पीड़ित परिवार लौट रहा था, उसी समय नकना चौक के पास आरोपियों ने अपनी बोलेरो वाहन से त्रिवेणी रवि और उनके बेटे करण को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पिता-पुत्र की मौत हो गई। वहीं त्रिवेणी का एक और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। गांव में इस घटना के बाद तनाव और दहशत का माहौल है।

पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल
इस वारदात ने न केवल क्षेत्रवासियों को हिला दिया, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पक्ष ने पहले ही सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन थाना प्रभारी द्वारा अनदेखी करने के कारण यह घटना घटित हुई। प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से टीआई राजेंद्र साहू को लाइन अटैच कर दिया है और जांच के आदेश दिए गए हैं।
वर्तमान स्थिति
आरोपी ओमप्रकाश सोनवानी और उसके साथी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। मृतक त्रिवेणी रवि और उनके बेटे के अंतिम संस्कार की तैयारी गांव में हो रही है। वहीं ग्रामीणों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
