कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में जंगल की अवैध कटाई को लेकर दो गांवों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष तक पहुंच गया। रविवार को ग्राम शामपुर और फुका गिरोला के ग्रामीणों के बीच जंगल की भूमि पर कब्जे और पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई और मारपीट हुई। घटना में कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल कोंडागांव में भर्ती कराया गया। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है।
सूत्रों के अनुसार, इस विवाद की जड़ लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद और जंगल की जमीन पर कब्जे की लड़ाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग जंगल की अंधाधुंध कटाई कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है और भविष्य में उनकी आजीविका भी प्रभावित होगी। इस बात का विरोध करने पर ही दोनों गांवों के बीच टकराव हो गया।
घटना के बाद हालात और बिगड़ते देख शामपुर समेत आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण एकजुट हो गए। वे बड़ी संख्या में कोंडागांव थाने पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए थाना का घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक अवैध कटाई पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल जंगल को बचाना है, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यदि जंगल खत्म हो गए तो उनकी आजीविका पर संकट आ जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा खतरा खड़ा हो जाएगा।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी कौशलेन्द्र पटेल ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने बताया कि पुलिस हालात को काबू में करने और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश कर रही है। साथ ही जिन्होंने अवैध कटाई की है और हिंसा में शामिल रहे हैं, उनके खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरी घटना ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है। ग्रामीणों में आक्रोश गहराता जा रहा है और उनकी मांग है कि सरकार और प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप कर जंगलों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए। फिलहाल पुलिस बल गांवों और थाने में तैनात किया गया है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे और कोई अप्रिय घटना दोबारा न हो।