Thursday, February 12, 2026
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सागौन तस्करों ने डिप्टी रेंजर पर किया हमला, अस्पताल में भर्ती, वन विभाग ने जब्त किया पिकअप और ट्रेक्टर, जांच में जुटी पुलिस…

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोटा परिक्षेत्र के सेमरिया बीट में वन विभाग की एक बड़ी कार्रवाई के दौरान सागौन तस्करों ने डिप्टी रेंजर अरविंद बंजारे पर हमला कर दिया। यह घटना 1 जून की रात की है, जब वन विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली कि सागौन के पेड़ों को अवैध रूप से काटा जा रहा है और उन्हें पिकअप वाहन में लादकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विकास निगम की टीम मौके पर रवाना हुई।

रात करीब 12 बजे जब टीम सेमरिया वन क्षेत्र में पहुंची, तो उन्होंने देखा कि तस्कर ट्रैक्टर के जरिये सागौन की लकड़ी को पिकअप में लाद रहे हैं। जैसे ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, तस्करों ने हमला कर दिया। लगभग 8 से 10 की संख्या में मौजूद तस्करों ने डिप्टी रेंजर अरविंद बंजारे को घेर लिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। बंजारे ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई और तत्काल अपने स्टाफ को घटना की सूचना दी।

सूचना मिलने के बाद अन्य वनकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल डिप्टी रेंजर को पहले कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। इस हमले के बाद वन विभाग ने तत्काल घेराबंदी की और भाग रहे तस्करों को पकड़ लिया। घटनास्थल से एक पिकअप वाहन, जिसमें 17 नग सागौन लट्ठा लदा था, और एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया है।

इस मामले में कोटा पुलिस भी सक्रिय हो गई है। सीएसपी रस्मित कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही कोटा थाने में शिकायत दर्ज की गई। प्रोजेक्ट रेंज ऑफिसर ने लिखित रूप से शिकायत में बताया कि कुछ लोग ग्राम सेमरिया में अवैध रूप से सागौन की लकड़ी की कटाई और तस्करी कर रहे थे। जब वन विभाग की टीम रेड करने पहुंची, तो उन पर हमला किया गया और शासकीय कार्य में बाधा डाली गई।

फिलहाल पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। मामले में तस्करों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

यह घटना न केवल वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जंगल माफिया किस हद तक जाकर प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द ही कानून के शिकंजे में लाया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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