
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर–बिलासपुर मार्ग पर स्थित सुखरीपाली–गतौरा रोड पर NTPC सीपत के धरमकांटा ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वजन मापन के लिए प्रतिदिन करीब 500 भारी वाहन यहां रुकते हैं, जिसके चलते सड़क पर लंबे समय तक जाम लगना आम बात हो गई है। इस मार्ग से रोजाना हजारों लोग नौकरी, पढ़ाई और अन्य कामों के लिए गुजरते हैं, लेकिन लगातार जाम के कारण यात्रियों को घंटों फंसे रहना पड़ रहा है।

भारी वाहनों की कतारों से उठने वाली धूल से आसपास के गांवों में रहने वालों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सड़क संकरी होने की वजह से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।

इसी समस्या को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सरपंचों और ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर धरमकांटा को मौजूदा मुख्य सड़क से हटाकर NTPC के आंतरिक क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग की है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
इस संबंध में महाप्रबंधक NTPC सीपत सहित SDM मस्तूरी, सीपत और मस्तूरी थाना प्रभारी को भी जानकारी भेजी गई है। प्रतिनिधिमंडल में मीना वस्त्रकार, रेखा बाई सांडे, सरिता साहू, रीता रात्रे, विक्रम सिंह सूर्यवंशी, जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू और अंजनी भास्कर पटेल शामिल रहे। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।
