
बिलासपुर। शहर के हैवेंस पार्क होटल के सामने हुए बहुचर्चित सामूहिक हमले के मामले में अदालत ने बड़ा निर्णय सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) लवकेश प्रताप सिंह की अदालत ने मुख्य आरोपी रितेश निखारे उर्फ मैडी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उसके साथ 12 अन्य आरोपियों को भी दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में दंडित किया गया।

अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश) और 147 (बलवा) सहित अन्य धाराओं में अपराध सिद्ध माना। फैसले के दौरान न्यायालय ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर संगठित हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

ये रहे दोषी
मुख्य आरोपी रितेश निखारे उर्फ मैडी के अलावा जिन लोगों को दोषी ठहराया गया, उनमें सिद्धार्थ शर्मा उर्फ छोटू शर्मा, फरीद अहमद उर्फ सोनू खान, आयुष मराठा उर्फ बाबू एम, वरुण डिकेड शर्मा उर्फ प्रिंस शर्मा, काव्य गढ़वाल, रूपेश दुबे, आदित्य प्रकाश दुबे, सोनू माली उर्फ आशीष माली, मोहम्मद साबिर उर्फ रानू, विकास वैष्णव उर्फ बाबा राजू, विराज सिंह ध्रुव और गोलू विदेशी शामिल हैं।

घटना और कार्रवाई
6 मई 2023 की रात होटल के सामने मामूली विवाद ने उग्र रूप ले लिया था। आरोपियों ने एकजुट होकर हमला किया, जिसमें पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। 7 मई को पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी 13 आरोपियों को क्रमशः गिरफ्तार किया।
24 जुलाई 2023 को पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। करीब ढाई साल चली सुनवाई, गवाहों के बयान और साक्ष्यों की गहन जांच के बाद 28 फरवरी 2026 को अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
न्यायालय का कड़ा संदेश
फैसले के साथ ही इस मामले पर न्यायिक विराम लग गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस निर्णय से शहर में यह संदेश गया है कि संगठित अपराध और हिंसा के खिलाफ न्याय व्यवस्था सख्त रुख अपनाए हुए है।
