
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा में इस बार 1300 करोड़ रुपए से अधिक का महत्वाकांक्षी बजट पारित कर दिया गया। मेयर पूजा विधानी ने इसे शहर के समग्र विकास का रोडमैप बताते हुए कहा कि बजट सिर्फ निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्मार्ट सिटी सुविधाओं, महिला सुरक्षा और युवाओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि, बजट पास होने के दौरान सदन में कई मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा भी हुआ।

विकास और सुविधाओं पर फोकस
निगम के बजट में शहर को आधुनिक बनाने के लिए कई अहम योजनाएं शामिल की गई हैं। डिजिटल सुविधा बढ़ाने के तहत शहर में फ्री वाई-फाई शुरू करने की योजना है, जिससे खासकर छात्रों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में मदद मिलेगी।
महिलाओं की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छात्राओं को मुफ्त सेनेटरी पैड, हर जोन में पिंक टॉयलेट और पिंक गार्डन विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
इसके अलावा सौंदर्यीकरण पर भी बड़ा खर्च प्रस्तावित है—चौक-चौराहों और डिवाइडर के लिए 12 करोड़, जबकि हरियाली बढ़ाने के लिए 5 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

व्यापार और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा
छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए स्मार्ट वेंडिंग जोन और फूड स्ट्रीट विकसित करने की योजना बनाई गई है। वहीं शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 30 करोड़ रुपए से अधिक सड़कों और नालियों के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे।
अहम प्रस्तावों को मंजूरी
सभा में 33% महिला आरक्षण से जुड़ा प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। साथ ही पार्षदों को आजीवन पेंशन, मानदेय बढ़ाने और पार्षद निधि में वृद्धि का प्रस्ताव भी पारित किया गया। क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए ग्राम मंगला में 12 एकड़ जमीन पर स्टेडियम बनाने की सहमति भी दी गई, जिसके लिए क्रिकेट संघ ने आवेदन किया था।

हंगामे में घिरी बैठक
सामान्य सभा की शुरुआत से ही माहौल गर्म रहा। मेयर निधि के खर्च में भेदभाव के आरोपों को लेकर विपक्ष ने जोरदार विरोध किया और नारेबाजी की।
गंदे पानी की सप्लाई का मुद्दा भी गरमाया रहा। पार्षदों ने अमृत मिशन में गड़बड़ी और क्लोरीन के इस्तेमाल में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि मेयर ने कहा कि पानी मटमैला है, लेकिन गंदा नहीं।
सफाई व्यवस्था, अवैध निर्माण और वार्डों में विकास कार्यों को लेकर भी तीखी बहस हुई। सभापति ने अपने वार्ड में अवैध निर्माण पर नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

महिला पार्षद का तीखा जवाब
बैठक के दौरान एक महिला पार्षद ने अपनी सक्रियता पर उठे सवालों का करारा जवाब देते हुए कहा, “महिला हूं, सवाल भी उठा सकती हूं और वार्ड भी चला सकती हूं,” जिससे सदन का माहौल और गरमा गया।
राजनीतिक तकरार भी दिखी
बैठक से पहले और दौरान कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भाजपा पार्षद रंगानादम मास्क लगाकर बैठे नजर आए, जिस पर विपक्ष ने तंज कसते हुए ‘मुंह बंद कराने’ का आरोप लगाया।
जन मुद्दों पर टकराव जारी
पेयजल संकट, खराब सड़कें, जाम, मच्छरों का प्रकोप और आवारा पशुओं की समस्या जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष ने निगम प्रशासन को घेरने की रणनीति बनाई है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर और टकराव के आसार बने हुए हैं।
