
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महादेव ऐप के प्रमुख संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान की राजधानी मस्कट में रॉयल ओमान पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि उस पर कथित रूप से फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। फिलहाल उसे मस्कट के अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई भारतीय एजेंसियों द्वारा जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर की गई है। अब भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए ओमान प्रशासन के संपर्क में है। जानकारी यह भी सामने आई है कि चंद्राकर दुबई से गुप्त रूप से ओमान पहुंचा था, जहां उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान का सहारा लिया।

ओमान के कानून के तहत फर्जी पासपोर्ट और अवैध प्रवेश गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में जमानत मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। यदि ओमान की अदालत भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की संयुक्त टीम मस्कट जाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी और उसे भारत लाने का प्रयास करेगी।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप की जांच पहले से ही सीबीआई, ईडी और अन्य एजेंसियां कर रही हैं। जांच में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।
जूस की दुकान से अरबों के ऑनलाइन सट्टे तक
सौरभ चंद्राकर मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। बताया जाता है कि वह पहले जूस की दुकान चलाता था, जबकि उसका साथी रवि उप्पल टायर का कारोबार करता था। दोनों 2019 में दुबई पहुंचे और वहां विदेशी साझेदारों के साथ मिलकर महादेव बेटिंग ऐप शुरू किया। इसके बाद देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर दिया गया।
कैसे करता था काम?
महादेव ऐप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, पोकर, कार्ड गेम और अन्य ऑनलाइन गेम्स पर सट्टा लगाया जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए यह नेटवर्क देशभर में फैलाया गया और करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार संचालित हुआ।
शादी भी रही थी चर्चा में
सौरभ चंद्राकर की वर्ष 2023 में संयुक्त अरब अमीरात में हुई भव्य शादी भी काफी सुर्खियों में रही थी। इस समारोह में कई बॉलीवुड कलाकारों की प्रस्तुति और करोड़ों रुपये खर्च होने की चर्चा देशभर में हुई थी। बाद में यही खर्च और भुगतान भी जांच एजेंसियों के दायरे में आए।
छत्तीसगढ़ में कई मामले दर्ज
महादेव ऐप से जुड़े मामलों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में दर्जनों एफआईआर दर्ज हैं। ईडी ने अब तक हजारों करोड़ रुपये के कथित अवैध लेनदेन और बड़ी मात्रा में संपत्तियों को अटैच किया है। राज्य सरकार ने भी मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को सौंपी थी। जांच के दौरान कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और कुछ राजनीतिक व प्रशासनिक नाम भी जांच के दायरे में आए।
हालांकि, सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण को लेकर संबंधित एजेंसियों की ओर से आधिकारिक विस्तृत पुष्टि का इंतजार है।
