
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की समीक्षा बैठक के बाद कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 16 अक्टूबर को निलंबन आदेश जारी किया।

1076 पर मिली शिकायतों में सामने आई लापरवाही
शासन के आदेश के मुताबिक, सीएम हेल्पलाइन 1076 के तहत राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा के दौरान तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी के कामकाज में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता के आरोप सामने आए। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है।

इसके बाद राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कबीरधाम जिला निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

2 लाख से ज्यादा शिकायतों पर CM ने की समीक्षा
दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 16 अक्टूबर को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज दो लाख से अधिक शिकायतों की समीक्षा की। दोपहर 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से शिकायतों के निराकरण की स्थिति पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निपटारे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के साथ समाधान की गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलों में शिकायतों के निराकरण को लेकर कलेक्टरों के कामकाज का भी आकलन किया गया। पिपरिया तहसीलदार पर हुई कार्रवाई को शिकायतों के समाधान में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में सरकार के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
