
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जमीन सीमांकन विवाद को लेकर मंगलवार को कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट घेराव की कोशिश की। नेहरू चौक पर पुलिस की तीन लेयर बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात संभालने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन राजनीतिक दबाव में कार्रवाई कर रहा है। कांग्रेस ने अवैध प्लॉटिंग, रेत उत्खनन, विकास कार्यों में कथित भेदभाव और जमीनों के मामलों में अनियमितताओं की जांच की मांग की।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत 16 सितंबर को हुई थी, जब ग्राम सेलर के सरपंच और बेलतरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया था कि खेत में धान की फसल खड़ी होने के बावजूद उनकी जमीन का सीमांकन कराया गया। उन्होंने इस कार्रवाई के पीछे विधायक सुशांत शुक्ला का दबाव होने का आरोप लगाया था। इसके बाद विधायक की ओर से उन्हें मानहानि का कानूनी नोटिस भेजे जाने की बात सामने आई।कांग्रेस नेता प्रमोद नायक ने भी सीमांकन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। विजय केसरवानी ने आगे गांवों और वार्डों में जनसंपर्क अभियान चलाने और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
वहीं, एएसपी सिटी पंकज पटेल ने कहा कि कलेक्ट्रेट जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। उसे तोड़ने की कोशिश करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। विधायक सुशांत शुक्ला पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनका आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
