
बिलासपुर। घर और बाड़ी में रखी लकड़ियों की जांच करने पहुंची वन विभाग की टीम को सागौन का जखीरा मिला। मामला बिलासपुर जिले के ग्राम बांधा का है, जहां वन विभाग के उड़नदस्ते ने मुखबिर की सूचना पर एक मकान में छापेमारी कर सागौन के 31 चिरान बरामद किए। कार्रवाई के दौरान मकान मालिक खम्हन सोनवानी अस्पताल में भर्ती मिला। इसके बाद टीम ने उसके बेटे राजेश सोनवानी को तलाशी वारंट तामील कराया। विभाग ने लकड़ी जब्त कर वन अपराध दर्ज किया है।

मुखबिर की सूचना पर एक्शन, पुलिस को भी साथ लेकर पहुंची टीम
वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि ग्राम बांधा निवासी खम्हन सोनवानी के घर में अवैध रूप से लकड़ी का भंडारण किया गया है। सूचना मिलने के बाद मुख्य वन संरक्षक मनोज कुमार पांडेय और वनमंडलाधिकारी नीरज के निर्देश पर कार्रवाई की तैयारी की गई। उप वनमंडलाधिकारी टीआर मरई और उड़नदस्ता प्रभारी रितु साहू को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम तलाशी वारंट लेकर तखतपुर वन परिक्षेत्र के कर्मचारियों और जूनापारा पुलिस चौकी के जवानों के साथ मौके पर पहुंची। घर और बाड़ी की तलाशी ली गई तो वहां सागौन के 31 चिरान मिले। टीम ने सभी लकड़ियों को जब्त कर कोटा विक्रय डिपो भेज दिया।

अस्पताल में मिला मकान मालिक, बेटे को दी गई सूचना
कार्रवाई के समय खम्हन सोनवानी घर पर मौजूद नहीं था। जांच के दौरान पता चला कि वह अस्पताल में भर्ती है। ऐसे में वन विभाग की टीम ने उसके बेटे राजेश सोनवानी को तलाशी वारंट तामील कराया। हालांकि, लकड़ी कहां से लाई गई थी और उसका भंडारण किन परिस्थितियों में किया गया था, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।

वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज
वन विभाग ने जब्त सागौन के संबंध में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज किया है। विभाग अब मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहा है। जब्त लकड़ी के स्रोत और उसके भंडारण से संबंधित परिस्थितियों को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
