
कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। थाना चिल्फी में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) शेषनाथ चौबे का शव मंगलवार की सुबह उनके सरकारी आवास में बिस्तर पर मृत अवस्था में मिला। अचानक हुई इस घटना से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

जानकारी के अनुसार, एएसआई शेषनाथ चौबे वर्ष 1992 में जिला राजनांदगांव में आरक्षक के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। अपने लंबे सेवा काल के दौरान उन्होंने कई थानों और चौकियों में जिम्मेदारी निभाई। विभाग में वे एक कर्मठ और अनुशासित अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। वर्तमान में वे 28 अप्रैल 2025 से थाना चिल्फी में पदस्थ थे और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन कर रहे थे।

मंगलवार 7 अक्टूबर को जिले में एक वीआईपी आगमन प्रस्तावित था, जिसके मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था में एएसआई चौबे की भी ड्यूटी लगाई गई थी। निर्धारित समय पर जब वे ड्यूटी स्थल पर नहीं पहुंचे तो उनके साथियों ने उनके कमरे में जाकर आवाज दी। काफी देर तक आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शंका होने पर आरक्षक ने दरवाजा खोलकर अंदर झांका तो चौबे बिस्तर पर लेटे हुए मिले।

करीब जाकर देखने पर पाया गया कि उनका शरीर ठंडा पड़ चुका था और वे सांस नहीं ले रहे थे। तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटना की जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में उनके शरीर पर किसी प्रकार के चोट या संघर्ष के निशान नहीं पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत नींद में हृदयाघात (हार्ट अटैक) से हुई होगी, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

घटना की जानकारी मिलते ही पूरे पुलिस विभाग में शोक का माहौल बन गया। थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम उपरांत शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

एएसआई शेषनाथ चौबे अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और एक बेटी का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पुलिस विभाग के अधिकारी और सहकर्मी उनके समर्पण और सादगी की मिसाल देते हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि परिजनों को नियमानुसार सभी शासकीय सहायता और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मौत के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।
