
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर शहर के तारबाहर थाना क्षेत्र अंतर्गत सीएमडी चौक के पास शिक्षा के क्षेत्र को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां आचार्या कोचिंग क्लासेज के दो शिक्षकों द्वारा एक होम ट्यूटर की सरेराह पिटाई करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना न केवल आम नागरिकों को झकझोर रही है, बल्कि शिक्षक जैसी गरिमामय पेशे की छवि पर भी सवाल खड़े कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित युवक इलाके में बच्चों से बातचीत कर रहा था, तभी आचार्या कोचिंग क्लास के दो शिक्षक—आदिल और सर्वेश—वहां पहुंचे। उन्होंने युवक पर आरोप लगाया कि वह उनके छात्रों को अपने ट्यूशन में बुलाने की कोशिश कर रहा है। आरोप लगाते ही दोनों शिक्षकों ने बीच सड़क पर उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। घटना के समय पीड़ित के साथ एक महिला और एक मासूम बच्चा भी मौजूद थे, लेकिन शिक्षकों की दबंगई के आगे वे कुछ नहीं कर सके।
आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की और तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही तारबाहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित युवक ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया, जिसके चलते कार्रवाई रोक दी गई।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित युवक ने सोशल मीडिया पर कोचिंग संस्थान के खिलाफ पोस्ट डालकर मदद की गुहार भी लगाई थी। लेकिन अब उसके द्वारा समझौता किए जाने से कई सवाल उठ रहे हैं — क्या उस पर किसी तरह का दबाव बनाया गया, या उसने खुद ही यह फैसला लिया? महिला और बच्चे के सामने सार्वजनिक रूप से पिटाई झेलने के बाद इस तरह का समझौता करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
घटना के बाद से आचार्या कोचिंग क्लासेज और संबंधित शिक्षकों की आलोचना चारों ओर हो रही है। शिक्षकों के इस हिंसक और गैर-पेशेवर रवैये ने पूरे शिक्षा तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जहां शिक्षक बच्चों को संस्कार और संयम का पाठ पढ़ाने वाले माने जाते हैं, वहीं अब शिक्षकों द्वारा सड़क पर इस तरह की गुंडागर्दी ने पेशे की गरिमा को धूमिल कर दिया है।

शहरभर में इस घटना की वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद लोग आक्रोशित हैं। शिक्षकों की भूमिका को लेकर समाज में बहस छिड़ गई है कि क्या आज के दौर में शिक्षा एक सेवा न रहकर व्यवसाय बन गई है, जहां प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ चुकी है कि शिक्षक भी हिंसा पर उतर आ रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने दोनों शिक्षकों की पहचान कर ली है और मामले की जांच जारी है। वहीं, शहरवासी मांग कर रहे हैं कि ऐसे शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षा के नाम पर इस तरह की दबंगई न दिखा सके।
