
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर निगम के आगामी महापौर चुनाव को लेकर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा है कि न तो वे खुद और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य महापौर का चुनाव लड़ेगा। उनके इस बयान के बाद उन अटकलों पर विराम लगने की संभावना है, जिनमें उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य की महापौर पद पर दावेदारी की चर्चा हो रही थी। देवेंद्र यादव ने कांग्रेस नेतृत्व से अपील की कि महापौर चुनाव में ऐसे कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाए, जो लंबे समय से जनता के बीच रहकर काम कर रहे हैं और जिनकी छवि साफ-सुथरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

जमीनी कार्यकर्ताओं को टिकट देने की अपील
विधायक देवेंद्र यादव ने परिवारवाद के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पार्टी में उन लोगों को आगे आने का अवसर मिलना चाहिए, जो जनता की समस्याओं और अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करते रहे हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का मौका मिलने से वे जनसेवा कर सकेंगे और संगठन को भी मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि देवेंद्र यादव ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भिलाई नगर निगम के महापौर पद से की थी। इसके बाद वे विधायक बने और लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। आगामी निकाय चुनाव की चर्चाओं के बीच उनके नाम को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही थीं।
भिलाई इस्पात संयंत्र पर भी दिया बयान
महापौर चुनाव के अलावा देवेंद्र यादव ने भिलाई इस्पात संयंत्र के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अंबानी, अडानी, मित्तल और जिंदल जैसे बड़े उद्योगपति भिलाई इस्पात संयंत्र को नहीं खरीद सकते। उनके इस बयान से संयंत्र के भविष्य और स्वामित्व को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, संयंत्र के स्वामित्व को लेकर किसी प्रस्ताव या आधिकारिक फैसले की जानकारी इस बयान में सामने नहीं आई है।
