
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर आफत बनकर बरस रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है। बस्तर से लेकर रायपुर और दुर्ग तक बारिश का असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की है।

रायपुर में खारून का रौद्र रूप
राजधानी रायपुर में खारून नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। महादेव घाट के पास पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिए आवाजाही रोक दी। अमलेश्वर-पाटन मार्ग पर भी पानी भरने से संपर्क प्रभावित हुआ है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक पिछले कई वर्षों में खारून का जलस्तर इस स्तर तक पहुंचा है।
रायपुर के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, भाटागांव, प्रोफेसर कॉलोनी और काठाडीह BSUP कॉलोनी समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और पुलिस की निगरानी जारी है।

गंगरेल के सभी 14 गेट खुले
लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच धमतरी के गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार बांध से 2.5 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जगदलपुर में 246.3 MM बारिश
बारिश का सबसे ज्यादा असर बस्तर में दिखाई दिया। IMD के आंकड़ों के मुताबिक जगदलपुर में 25 सितंबर को 246.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं रायपुर-माना में 69 मिमी और दुर्ग में 49.2 मिमी बारिश दर्ज हुई।

40-50 KM प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। IMD के मुताबिक 27 सितंबर के बाद चेतावनी में कमी आने के संकेत हैं और 28 सितंबर से फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं है।
26 सितंबर को स्कूल बंद
लगातार बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर 26 सितंबर को प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
अगले 48 घंटे अहम
फिलहाल बारिश से राहत पूरी तरह मिलती नजर नहीं आ रही है। 26 सितंबर को भारी बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि 27 सितंबर को गरज-चमक की संभावना है। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं।
