
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला अस्पताल बिलासपुर में डिलीवरी के बाद मरीजों के परिजनों से कथित तौर पर ‘खर्चापानी’ के नाम पर पैसे मांगे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में एक महिला स्टाफ प्रसव के बाद परिजनों से रकम की मांग करती नजर आ रही है। परिजनों का आरोप है कि यह मांग ‘रिवाज’ बताकर की जाती है, जबकि सरकारी अस्पतालों में प्रसव से जुड़ी सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क होती हैं। इसके बावजूद पैसे मांगे जाने का यह मामला नियमों की खुली अनदेखी माना जा रहा है।
वीडियो में महिला स्टाफ यह कहते हुए भी सुनाई दे रही है कि “एक में लुहू, पांच उमन ज्यादा नहीं…”, जिसे लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं। आरोप है कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों से तो आसानी से रकम वसूली जाती है, लेकिन गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर भी दबाव बनाया जाता है।

वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी दावों के बीच ‘खर्चापानी’ की यह परंपरा कितनी गहरी है, और क्या दोषियों पर वास्तव में कार्रवाई हो पाएगी या मामला जांच तक ही सीमित रह जाएगा।
