Saturday, March 7, 2026
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बीजेपी नेता के खेत में अवैध अफीम की खेती, निलंबित; पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौके पर पहुंचे, पुलिस-ग्रामीणों में झूमाझटकी…!!

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक भाजपा नेता के खेत में अफीम के पौधे मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और खेत में लगी अफीम की फसल का निरीक्षण किया। मामले के सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी खेत में जमा हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बन गई। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

6 मार्च को पुलिस ने की छापेमारी

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को समोदा और झेंजरी गांव के बॉर्डर पर स्थित एक खेत में अफीम की खेती होने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर 6 मार्च को पुलिस ने रेड की कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम को मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे लगे हुए मिले। शुरुआती जांच में करीब डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर अफीम की खेती होने की पुष्टि हुई है, जबकि पूरे खेत में लगभग 4 से 5 एकड़ क्षेत्र में अफीम की खेती किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

यह खेत खसरा नंबर 310 में दर्ज है, जिसकी कुल रकबा 9 एकड़ 92 डिसमिल बताई जा रही है। भूमि स्वामी के रूप में मधुमति ताम्रकार और प्रीति बाला ताम्रकर का नाम सामने आया है।

मक्के की फसल के बीच छिपाकर की जा रही थी खेती

पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरे खेत में मक्के की फसल लगाई गई थी और उसी फसल के बीच-बीच में अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि किसी को शक न हो सके। लंबे समय से इस तरह मिश्रित खेती की जा रही थी। अफीम के पौधे देखने के बाद पुलिस ने मौके पर तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक (आरआई) को भी बुलाया और खेत का सीमांकन व दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी।अधिकारियों के मुताबिक, खेत में उगी अफीम की संभावित कीमत करोड़ों रुपये तक हो सकती है। फिलहाल पौधों के सैंपल लिए गए हैं और विशेषज्ञों की टीम इसकी जांच करेगी।

भाजपा नेता विनायक चंद्राकर को किया गया सस्पेंड

मामले के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेता विनायक चंद्राकर को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। पार्टी ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। हालांकि भाजपा नेता का कहना है कि उन्हें खेत में अफीम की खेती की जानकारी नहीं थी और जमीन अधिया पर दी गई थी।

भाजपा नेता का बयान

भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष विनायक ताम्रकर ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि पास के झिंझरी गांव में किसी ने अफीम बो रखी है, इसलिए वह अपने खेत को देखने पहुंचे थे। उनका कहना है कि उनके खेत में कुछ बाहरी लोग चोरी-छिपे अफीम की खेती कर रहे थे।उन्होंने दावा किया कि खेत में सुरक्षा के लिहाज से किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाता और मामले की जांच पुलिस कर रही है।

सरपंच ने किया बड़ा दावा

समोदा गांव के सरपंच और सरपंच संघ के उपाध्यक्ष अरुण गौतम ने बताया कि यह जमीन स्थानीय जमींदार विनायक और बृजेश ताम्रकार के परिवार की है। उन्होंने दावा किया कि जमीन अधिया पर नहीं दी गई है, बल्कि उसी परिवार के लोग खेती कर रहे थे।

सरपंच के मुताबिक, दो दिन पहले उन्हें व्हाट्सऐप पर एक फोटो मिला था। फोटो देखने के बाद उन्होंने गूगल पर जांच की, जिससे पुष्टि हुई कि खेत में अफीम के पौधे लगे हुए हैं। इसके बाद उन्होंने 5 मार्च को जेवरा चौकी में सूचना दी और फोटो भी पुलिस को भेजे।

भूपेश बघेल पहुंचे खेत, ग्रामीणों की भीड़

मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण खेत की ओर जाने लगे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने लोगों को खेत में जाने से रोकने की कोशिश की, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस व ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी भी हुई।

हालांकि बाद में पुलिस ने हालात को संभाल लिया और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंची। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि अफीम की खेती होने की सूचना की पुष्टि हो गई है। हालांकि अंधेरा होने के कारण पूरी कार्रवाई उस दिन नहीं हो सकी, इसलिए आगे की जांच अगले दिन की जाएगी। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रायपुर से विशेषज्ञों की टीम भी जांच करेगी और खेत में लगे सभी पौधों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा।

पुलिस का बयान

एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने रेड की कार्रवाई की है और पूरे क्षेत्र की जांच की जा रही है। खेत में मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे मिले हैं। जमीन के वास्तविक मालिक और खेती कौन कर रहा था, इसकी पुष्टि के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी जांच में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को नोटिस जारी किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अवैध अफीम की खेती में कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही इस अवैध खेती के पीछे के नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

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