
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां फ्रिज में हुए तेज धमाके के बाद मकान में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से घर में मौजूद एक बुजुर्ग महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना के समय महिला घर में अकेली थी और आग इतनी तेजी से फैली कि उसे बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। यह पूरा मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के लिंगियाडीह इलाके का है।

देर रात धमाके से दहल उठा इलाका
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक महिला का नाम जया अग्रवाल (57 वर्ष) है, जो लिंगियाडीह में साईं मंदिर के पीछे स्थित अपने मकान में रहती थीं। रविवार देर रात अचानक उनके घर में रखे फ्रिज में जोरदार ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में रह रहे लोग घबरा गए और तुरंत अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।
जब लोगों ने देखा तो गली के एक मकान से तेज लपटें और धुआं निकल रहा था। धीरे-धीरे आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और हर कोई आग बुझाने की कोशिश में जुट गया।
स्थानीय लोगों ने बाल्टियों से बुझाने की कोशिश की आग
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल की मदद से लोगों ने बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश की। इसी बीच पुलिस और दमकल विभाग को भी सूचना दे दी गई।
कुछ ही देर में सरकंडा पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक घर के अंदर मौजूद बुजुर्ग महिला की जान जा चुकी थी।
तलाशी के दौरान मिली झुलसी हुई लाश
जब आग पूरी तरह से नियंत्रित हो गई तो पुलिस और दमकल टीम ने घर के अंदर जाकर तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान घर के अंदर जया अग्रवाल का शव बुरी तरह से झुलसी हुई हालत में मिला। आग की लपटों में घिरने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी भिजवा दिया है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।

पहले लगा गैस सिलेंडर फटा, जांच में सामने आया फ्रिज ब्लास्ट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद गैस सिलेंडर फट गया है, लेकिन बाद में जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि हादसा फ्रिज में हुए ब्लास्ट की वजह से हुआ है।

मुंहबोले वकील भाई के साथ रहती थी महिला
वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने बताया कि जया अग्रवाल अपने मुंहबोले वकील भाई के साथ इस मकान में रहती थीं। उनका बाकी परिवार बेंगलुरु में रहता है। घटना के समय महिला घर में अकेली थी, इसलिए जब फ्रिज में ब्लास्ट हुआ और आग तेजी से फैली तो वह बाहर नहीं निकल पाईं।

कुछ दिन पहले ही भाई की हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार जया अग्रवाल के मुंहबोले भाई की तबीयत कुछ दिन पहले अचानक खराब हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए बेंगलुरु ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में अभी भाई के निधन के बाद क्रियाकर्म चल ही रहा था कि इसी बीच यह दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि लिंगियाडीह स्थित साईं मंदिर के पीछे एक मकान में ब्लास्ट और आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों तथा दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया गया। तलाशी के दौरान घर के अंदर बुजुर्ग महिला का शव मिला है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
आखिर फ्रिज में ब्लास्ट क्यों होता है?
अक्सर लोगों को लगता है कि फ्रिज अचानक खुद ही ब्लास्ट कर देता है, लेकिन असल में इसके पीछे कई तकनीकी कारण होते हैं। फ्रिज के पीछे एक कंप्रेसर लगा होता है, जिसमें मोटर और पंप मौजूद होते हैं। यही कंप्रेसर रेफ्रिजरेंट गैस को कॉइल्स में भेजता है, जिससे फ्रिज के अंदर ठंडक बनी रहती है।
लेकिन अगर किसी कारण से कंप्रेसर में खराबी आ जाए या गैस का फ्लो रुक जाए तो फ्रिज के पीछे का हिस्सा तेजी से गर्म होने लगता है। लगातार गर्म होने से कॉइल्स सिकुड़ जाती हैं और अंदर गैस का दबाव बढ़ जाता है। दबाव ज्यादा बढ़ने पर ब्लास्ट की स्थिति बन सकती है।
इसके अलावा निम्न कारणों से भी फ्रिज में विस्फोट हो सकता है—
- रेफ्रिजरेंट गैस का लीक होना
- इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट
- कंप्रेसर का ओवरहीट होना
- फ्रिज के पीछे वेंटिलेशन की कमी
- कॉइल्स और फैन में धूल जम जाना
आजकल कई फ्रिज में आइसोब्यूटेन (R-600a) गैस का उपयोग किया जाता है, जो ज्वलनशील होती है। अगर यह गैस लीक होकर कमरे में जमा हो जाए और किसी स्पार्क के संपर्क में आ जाए तो विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है।
फ्रिज इस्तेमाल करते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां
फ्रिज घर के सबसे जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में से एक है, लेकिन इसकी सही देखभाल बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है।
कुछ जरूरी सावधानियां इस प्रकार हैं—
- फ्रिज को दीवार से थोड़ी दूरी पर रखें ताकि पीछे हवा का प्रवाह बना रहे।
- फ्रिज के कॉइल्स और पीछे के हिस्से को समय-समय पर साफ करते रहें।
- फ्रिज को हमेशा सही वोल्टेज वाले प्लग में लगाएं।
- खराब वायरिंग या ढीले प्लग का इस्तेमाल न करें।
- फ्रिज में जरूरत से ज्यादा सामान न भरें।
- समय-समय पर सर्विसिंग जरूर कराएं।
इन संकेतों से समझें कि फ्रिज को सर्विसिंग की जरूरत है
अगर फ्रिज में निम्न समस्याएं दिखाई दें तो तुरंत सर्विसिंग करानी चाहिए—
- कंप्रेसर का बहुत ज्यादा गर्म होना
- जलने जैसी गंध आना
- कंप्रेसर से तेज आवाज आना
- फ्रीजर में जरूरत से ज्यादा बर्फ जमना
- फ्रिज का देर से ठंडा होना
- दरवाजे पर हल्का करंट लगना
- फ्रिज की लाइट जलना लेकिन कूलिंग न होना
- पानी का रिसाव या गैस लीक जैसी आवाज आना
फ्रिज की सर्विसिंग कब करानी चाहिए?
विशेषज्ञों के मुताबिक फ्रिज की कम से कम साल में एक बार सर्विसिंग जरूर करानी चाहिए। इससे कंप्रेसर, गैस और कूलिंग सिस्टम सही तरीके से काम करते रहते हैं और किसी बड़ी खराबी का खतरा कम हो जाता है। अगर फ्रिज पुराना है या उसका इस्तेमाल ज्यादा होता है, तो छह से आठ महीने में सर्विसिंग कराना और भी बेहतर माना जाता है।
फ्रिज का सही तापमान कितना होना चाहिए?
फ्रिज को सुरक्षित और सही तरीके से चलाने के लिए उसका तापमान संतुलित रखना जरूरी है।
- रेफ्रिजरेटर सेक्शन: 2°C से 5°C
- फ्रीजर सेक्शन: -15°C से -18°C
अगर तापमान बहुत ज्यादा कम कर दिया जाए तो कूलिंग सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है। इससे गैस का प्रेशर असामान्य हो सकता है और फ्रिज ओवरहीट होकर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
क्या 24 घंटे फ्रिज चलाने से खतरा बढ़ता है?
फ्रिज को 24 घंटे चालू रखना पूरी तरह सामान्य है। इसे लगातार ठंडा बनाए रखने के लिए ही डिजाइन किया जाता है। लेकिन खतरा तब बढ़ जाता है जब—
- फ्रिज की समय पर सर्विसिंग न कराई जाए
- पीछे वेंटिलेशन के लिए जगह न हो
- कॉइल्स और फैन में धूल जमा हो जाए
- इलेक्ट्रिकल कनेक्शन खराब हो
इसलिए फ्रिज की नियमित देखभाल और सही इस्तेमाल ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे बड़ा तरीका है।
