
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क की कमर तोड़ने का दावा किया है। इस कार्रवाई में लंबे समय से सक्रिय दो शातिर सट्टा खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज और प्रदीप खत्री को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को रायपुर से एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की टीम ने दबोचा।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी काफी समय से बड़े स्तर पर सट्टा संचालन कर रहे थे और उनका नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था। एसीसीयू की टीम को लगातार इनकी गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर रायपुर में दबिश दी गई। कार्रवाई इतनी सटीक थी कि आरोपियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 6 लाख रुपये नगद, 3 लग्जरी कारें, 3 बाइक और 4 आईफोन जब्त किए हैं। जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में सट्टा कारोबार से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ बिलासपुर के सिविल लाइन थाना में पहले से ही एफआईआर दर्ज थी। पुलिस को इनकी लंबे समय से तलाश थी। गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि सट्टा सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सट्टा कारोबार पर बड़ी चोट है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इस पूरे मामले में मनी ट्रेल और अन्य राज्यों से कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
