
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार दोपहर वेदांता पावर प्लांट में बड़ा हादसा हो गया। डभरा थाना क्षेत्र स्थित प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट होने से 9 मजदूरों की मौत हो गई। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने मौत की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि 3 मजदूरों की मौत मौके पर ही हो गई थी, जबकि 18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान 6 और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। बाकी घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

हादसे में 30 से 40 मजदूरों के झुलसने की खबर है। कई मजदूर करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। घटना के बाद प्लांट के बाहर परिजनों ने जमकर हंगामा किया और घायलों से मिलने की मांग की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर दुख जताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ितों को उचित मुआवजा और घायलों के बेहतर इलाज की मांग की है।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने भी मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।

पूर्व विधायक चैन सिंह सामले ने मृतकों के परिजनों को नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन किया जाएगा।
इधर, कंपनी के सुपरवाइजर ने बताया कि हादसा बॉयलर-1 में हुआ, जहां वे पेंटिंग का काम कर रहे थे। घटना के समय एनटीपीसी जीई पावर सर्विसेज लिमिटेड के कर्मचारी संचालन और रखरखाव का काम देख रहे थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी हादसे को गंभीर बताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 1-1 करोड़ रुपये और घायलों के लिए 50-50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। उन्होंने इसे हादसा नहीं बल्कि “हत्या” बताते हुए न्यायिक जांच की भी मांग की।
