
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। गतौरा स्थित सेवा सहकारी समिति में धान खरीदी के दौरान लाखों रुपये के गबन का मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए समिति से जुड़े तीन पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, धान खरीदी केंद्र गतौरा में वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 919.96 क्विंटल धान की कमी पाई गई। संयुक्त जांच दल की भौतिक जांच में यह गड़बड़ी सामने आई, जिससे शासन को करीब 28 लाख 51 हजार रुपये की आर्थिक क्षति हुई।

इस मामले में संस्था प्रबंधक कोमल प्रसाद चंद्राकर, समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौर और कंप्यूटर ऑपरेटर हुलेश्वर धीरही को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने गबन करना स्वीकार भी कर लिया है। वहीं, धान खरीदी प्रभारी लव कुमार यादव की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मामले की शिकायत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मस्तूरी द्वारा थाने में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की।
पुलिस का कहना है कि धान उपार्जन नीति के नियमों का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर यह गबन किया गया। फिलहाल आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
