
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में पेपर लीक का कनेक्शन दुर्ग के एक निजी कॉलेज से जुड़ता मिला है। मामले में पुलिस ने कॉलेज के एक प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, प्रश्नपत्र वॉट्सऐप के जरिए लीक हुआ था। तकनीकी जांच, मोबाइल फोन और वॉट्सऐप चैट की पड़ताल के आधार पर रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव और बिलासपुर में छापेमारी की गई। जांच के दौरान दुर्ग के निजी कॉलेज से प्रश्नपत्र बाहर निकलने के साक्ष्य सामने आए।

पूछताछ में पता चला कि कॉलेज से पेपर निकलने के बाद इसे वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया। पुलिस अब तक 16 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को मामले में आगे और बड़े खुलासे की उम्मीद है।

दरअसल, 20 अगस्त को सुबह 10 बजे बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से करीब एक घंटे पहले सुबह 9 बजे प्रश्नपत्र छात्रों के वॉट्सऐप ग्रुप में वायरल हो गया। डीन कार्यालय को भी ईमेल के जरिए पेपर लीक होने की शिकायत मिली थी। जांच में वायरल प्रश्नपत्र के करीब 70 प्रतिशत सवाल परीक्षा के प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते पाए गए।

मामले को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय में जमकर प्रदर्शन किया और परीक्षा रद्द करने की मांग की। बढ़ते विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा तत्काल रद्द कर चार सदस्यीय जांच समिति गठित की।

अब पुलिस जांच के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
