
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के बाद हड़कंप मच गया। परीक्षा शुरू होने से करीब एक घंटे पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और छात्रों के व्हाट्सऐप ग्रुपों में वायरल हो गया। छात्रों के विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी।

20 अगस्त को सुबह 10 बजे एंटोमोलॉजी की परीक्षा होनी थी। इससे पहले करीब 9 बजे प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंची। प्रश्नपत्र की जांच में वायरल पेपर और वास्तविक प्रश्नपत्र के करीब 70 प्रतिशत सवाल हूबहू या मिलते-जुलते पाए गए। इसके बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।

मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति प्रश्नपत्र तैयार करने, छपाई और संबंधित महाविद्यालयों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
प्रश्नपत्र लीक मामले में विश्वविद्यालय की शिकायत पर तेलीबांधा थाने में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2008 की संबंधित धाराओं और भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र आखिर कहां से और किस स्तर पर लीक हुआ।

कृषि मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल जांच कराने और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं निरस्त परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित करने की बात भी कही गई है, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी न हो।
प्रश्नपत्र की सेटिंग और छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर होने तथा इसके बाद संबंधित महाविद्यालयों तक पहुंचाए जाने की व्यवस्था है। ऐसे में जांच समिति और पुलिस इस पूरी प्रक्रिया के हर स्तर की पड़ताल कर रही है।
