
रायपुर। छत्तीसगढ़ की रायपुर रेंज पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक पर वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने का आरोप है, जबकि दूसरे पर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर 88 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े मामलों में देश के 11 अलग-अलग थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना पुलिस ने दोनों मामलों की जांच करते हुए आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की।

IAS अधिकारी के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट
पहले मामले में प्रार्थी सुशांत पनका ने वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाए जाने की शिकायत की थी। इस मामले में थाना राखी में अपराध क्रमांक 153/26 दर्ज किया गया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 319(2), 336(3) और आईटी एक्ट की धारा 66(C) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान फेसबुक, गूगल और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी से मिली जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी 23 वर्षीय अर्जुन कुमार जाटव को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाने और धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था। उसके मोबाइल फोन की जांच में अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के नाम से भी फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इस संबंध में आगे वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा, 88 लाख रुपये की ठगी
दूसरा मामला शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। प्रार्थिया रश्मि शर्मा ने रेंज साइबर थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर उनसे 88 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 14/24 दर्ज कर BNS की धाराओं 318(4), 3(5), 238 और 111 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत जांच शुरू की गई।
पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप से मिले तथ्यों का विश्लेषण किया। जांच में कानपुर निवासी 46 वर्षीय प्रवीण कुमार दीक्षित की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर ‘दीक्षित एजेंसी’ नाम से फर्जी कंपनी के जरिए बैंक खाते खुलवाता था और कथित धोखाधड़ी की रकम इन्हीं खातों में प्राप्त करता था। पूछताछ में पुलिस को उसके अन्य साथियों के संबंध में भी जानकारी मिली है। पुलिस का कहना है कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खाते से जुड़े मामलों में देश के 11 थानों और साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज है।

पुलिस की जांच जारी
रायपुर रेंज पुलिस अब दोनों मामलों में आरोपियों के नेटवर्क, अन्य संभावित सहयोगियों और साइबर अपराध से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को निशाना बनाने और ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों पर सवाल खड़े हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
– अर्जुन कुमार जाटव (23): निवासी ग्राम पारा, तहसील मौदहा, उत्तर प्रदेश।
– प्रवीण कुमार दीक्षित (46): निवासी पांडु नगर, हंसनगर, कानपुर, उत्तर प्रदेश।
