
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में हथियार के दम पर लूट और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से पिस्टल, सोने के आभूषण, कार, बाइक और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों मामलों में 100 प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।

दरअसल, 8 जुलाई 2026 को बेलगहना रेलवे स्टेशन से 7,430 रुपए की कलेक्शन राशि लेकर जा रहे रेलवे कर्मचारी को बड़े बराबर मोड़ के पास सलका डैम के नजदीक अज्ञात बदमाशों ने निशाना बनाया था। आरोपियों ने कर्मचारी का बैग झपटा और उसे धक्का देकर गिरा दिया था। मामले में कोटा थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

इसके बाद 18 जुलाई 2026 को आरोपियों ने एक और वारदात को अंजाम दिया। बुर्का पहनकर घर में घुसे बदमाशों ने राजकुमारी जायसवाल के साथ मारपीट की और हथियार दिखाकर सोने के जेवरात लूट लिए। इस मामले में भी कोटा पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।

ऐसे पकड़े गए आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार्रवाई की और राकेश जायसवाल, दिव्यांशु जायसवाल, आदर्श तिवारी, हर्ष नामदेव, हर्ष सोनी और सनी सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि राकेश जायसवाल इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड था। उसने अपने साथियों दिव्यांशु और आदर्श के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। वारदात के लिए पिस्टल की जरूरत पड़ने पर सनी सिंह से हथियार लिया गया। पुलिस के अनुसार सनी सिंह आरोपियों को रीवा ले गया था, जहां उसके भाई के जरिए पिस्टल उपलब्ध कराई गई।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि लूटे गए सोने के जेवरात को आरोपियों ने हर्ष नामदेव की मदद से हर्ष सोनी की ज्वेलरी दुकान में बेच दिया था और इसके बदले रकम हासिल की थी।

क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों से एक पिस्टल, सोने के आभूषण, घटना में इस्तेमाल आर्टिका कार क्रमांक CG 10 BL 1645, प्लेटिना बाइक क्रमांक CG 10 EN 4637 और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों को विधिवत कार्रवाई के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज समेत कोटा थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसएसपी ने पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए नकद इनाम की घोषणा की है।
