
रायपुर। नया रायपुर के नकटी गांव में विस्थापन के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बने मकानों को कथित रूप से तोड़े जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने अपना विरोध तेज कर दिया है। पार्टी आज माना थाने का घेराव कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करेगी। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।

कांग्रेस का आरोप है कि 29 जून को नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों पर भी बुलडोजर चलाया, जिससे गरीब परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पार्टी का कहना है कि यदि सरकारी योजना के तहत बने मकानों को नुकसान पहुंचाया गया है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है।

दरअसल, 29 जून को प्रशासन ने नया रायपुर के नकटी गांव में राजस्व भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान कई मकानों को हटाया गया, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया। कांग्रेस लगातार प्रभावित परिवारों के समर्थन में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है।

वहीं, राज्य सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरे गांव में नहीं बल्कि केवल एक वार्ड में की गई थी। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई राजस्व विभाग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए थी और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था कर उन्हें नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराया गया है।
इस बीच कांग्रेस नेताओं ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सरकार कार्रवाई को सही ठहराने के लिए अलग-अलग बयान दे रही है और वास्तविक तथ्यों को छिपाया जा रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
आज होने वाला माना थाने का घेराव इस पूरे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
