
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय समेत तीन लोगों पर करीब 29.35 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप लगा है। मामले में बंधवापारा निवासी राजू सोनकर ने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में नीरज पांडेय, उनके चाचा इन्द्रासन पांडेय और भाई दीपक पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने उसे सिप्ला कंपनी की दवा एजेंसी दिलाने, डीकेएस अस्पताल की कैंटीन का ठेका, रेत खदान में काम और मंत्रालय में सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसी दौरान अलग-अलग माध्यमों से उससे रकम ली गई।

पहले दवा एजेंसी का दिया भरोसा
राजू सोनकर ने शिकायत में बताया कि उसकी पहचान इन्द्रासन पांडेय से थी। इन्द्रासन ने अपने भतीजे नीरज पांडेय और दीपक पांडेय से उसकी मुलाकात कराई। कथित तौर पर दीपक को सिप्ला कंपनी में एसोसिएट डायरेक्टर और नीरज को NSUI प्रदेश अध्यक्ष बताते हुए राजनीतिक पहुंच का हवाला दिया गया। शिकायत के अनुसार, दवा एजेंसी दिलाने के नाम पर फरवरी 2023 से अगस्त 2024 के बीच फोन-पे और RTGS के जरिए 4.32 लाख रुपये से ज्यादा लिए गए। इसके अलावा शिकायतकर्ता की पत्नी के खाते से भी करीब 42 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए। शिकायत में यह भी आरोप है कि एक NGO में करीब एक लाख रुपये जमा करवाए गए।
18 लाख से ज्यादा रुपये देने का दावा
राजू सोनकर का आरोप है कि नीरज पांडेय के कहने पर अक्टूबर 2023 से मई 2024 के बीच उसने करीब 18.42 लाख रुपये का भुगतान किया। इस तरह शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपियों को कुल 29,35,440 रुपये दिए गए।
एजेंसी का काम नहीं होने पर कथित तौर पर डीकेएस अस्पताल की कैंटीन में काम दिलाने का भरोसा दिया गया। इसके बाद रेत खदान का काम और फिर पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिए जाने का आरोप है।

पैसे वापस मांगे तो गाली-गलौज का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की। राजू सोनकर ने पूरे मामले की शिकायत गृह मंत्री और रायपुर पुलिस कमिश्नर से भी की है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल यह पूरा मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र से जुड़ा है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
