
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में राजस्व विभाग के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कलेक्टर जनदर्शन में पहुंची मीना साहू ने पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) पर जमीन के बटांकन के लिए 55 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि गहने गिरवी रखकर 40 हजार रुपये देने के बावजूद उनसे 15 हजार रुपये और मांगे जा रहे हैं। अब उन्होंने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।

8 महीने से अटका जमीन का बटांकन
मामला जांजगीर के लिंक रोड स्थित चंदनिया पारा मुख्य मार्ग का है। मीना साहू की यहां पुश्तैनी करीब 2 डिसमिल जमीन है। महिला प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस जमीन पर अपना घर बनाना चाहती हैं, लेकिन बटांकन नहीं होने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। जानकारी के मुताबिक, महिला ने बटांकन के लिए तहसीलदार के समक्ष आवेदन दिया था। करीब आठ महीने पहले पटवारी और आरआई को प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक जमीन का बटांकन नहीं हुआ है।

गहने गिरवी रखकर दिए 40 हजार, फिर भी राहत नहीं
मीना साहू का आरोप है कि बटांकन के बदले उनसे 55 हजार रुपये मांगे गए। आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला ने अपने गहने गिरवी रखकर 40 हजार रुपये दिए। इसके बाद भी बटांकन नहीं होने और बाकी 15 हजार रुपये की मांग किए जाने का उन्होंने आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि वह कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के पास अपनी समस्या लेकर पहुंचीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आखिरकार उन्हें कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत करनी पड़ी।

बेटी और नातिन के साथ रहने को मजबूर
मीना साहू के मुताबिक, उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। वह अपनी परित्यक्ता बेटी और नातिन के साथ गांव में रहने को मजबूर हैं। जमीन का बटांकन नहीं होने से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने का सपना भी अधूरा है। महिला ने प्रशासन से जल्द बटांकन कराने और रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, आरोपों पर संबंधित पटवारी और राजस्व निरीक्षक का पक्ष सामने आना बाकी है।
दूसरी ओर, प्रदेशभर के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
इसी बीच प्रदेश के पटवारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। राजस्व पटवारी संघ का कहना है कि PV ऐप के जरिए फसलों के भौतिक सत्यापन में तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। संघ के मुताबिक, शासन और विभाग को पहले भी ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकला। संघ ने बलौदाबाजार जिले में PV ऐप के बहिष्कार को लेकर पटवारियों के तबादले और कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने पर भी नाराजगी जताई है। वहीं, महासमुंद जिले में पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई का विरोध किया गया है।
अब एक तरफ महिला ने राजस्व कर्मचारियों पर पैसे मांगने का आरोप लगाकर जांच की मांग की है, तो दूसरी तरफ पटवारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और आम लोगों को मिलने वाली सेवाएं चर्चा के केंद्र में हैं।
