
बिलासपुर/हरदी कला। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितम्बर को Eduhope Foundation द्वारा गाँव हरदी कला में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और माँ सरस्वती वंदना के साथ हुई। बच्चों ने संस्थापक सुश्री बादल पाण्डेय और सहयोगी शिक्षिका सुश्री तृप्ति शर्मा का पुष्पगुच्छ और उपहार देकर सम्मान किया।

इस मौके पर बच्चों ने कविताएँ, गीत, नृत्य और भाषण प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षिकाओं को कार्ड, पेन और फूल भेंट कर शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ दीं। खास तौर पर बच्चों ने संस्थापक को माँ सरस्वती का चित्र भेंट किया, जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। अंत में केक काटकर बच्चों में केक और चॉकलेट वितरित किए गए, जिससे पूरा माहौल आनंद और उत्साह से भर गया।

Eduhope Foundation पिछले कई वर्षों से हरदी कला और आसपास के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को कक्षा पहली से दसवीं तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहा है। संस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की राह तैयार करना है।
हालाँकि, संस्था को सीमित संसाधनों, बैठने की व्यवस्था की कमी और जगह की तंगी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके, संस्थापक और सहयोगी शिक्षिका पूरी लगन और समर्पण के साथ बच्चों को शिक्षा की रोशनी दे रही हैं।
Eduhope Foundation का मानना है कि “समाज के सहयोग से ही शिक्षा का दीप और अधिक प्रज्वलित हो सकता है।” संस्था ने स्थानीय समाज और जागरूक नागरिकों से सहयोग की अपील की है, ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएँ, पुस्तकें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
यह प्रयास न सिर्फ बच्चों को ज्ञान का अवसर दे रहा है, बल्कि उनके सुनहरे भविष्य की नींव भी रख रहा है।
