
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के जवान इसहाक खलखो (37 वर्ष) पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। आरोपी CAF की दूसरी वाहिनी में सकरी, बिलासपुर में तैनात था। घटना शिवरीनारायण थाना क्षेत्र की है, जहाँ पीड़िता ने साहस जुटाकर 31 अगस्त को थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़िता की शिकायत के अनुसार, फरवरी माह में स्थानीय मेले के दौरान आरोपी जवान ने उससे बातचीत के बहाने नजदीकी बढ़ाई और गुप्त रूप से उसका अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपी ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और लगातार ब्लैकमेल करते हुए कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इस वजह से पीड़िता गहरे मानसिक तनाव और डर में जी रही थी। समाज और परिवार से बदनामी के भय से उसने तुरंत शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन अंततः हिम्मत जुटाकर 31 अगस्त को पुलिस के पास पहुँची और आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिवरीनारायण पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने थाने में आने वाला है। इसी आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश कर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिवरीनारायण थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घटनाएँ न केवल कानून और समाज के नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए भी सीधा खतरा हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी महिला को यदि इस तरह की धमकी, ब्लैकमेलिंग या उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो बिना संकोच तुरंत थाने में शिकायत दर्ज करनी चाहिए।

इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि जब ड्यूटी पर तैनात वर्दीधारी जवान ही अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करते हैं, तो समाज में आम लोगों के बीच भय और अविश्वास का माहौल पैदा होता है। हालांकि, पुलिस की तत्परता ने यह संदेश जरूर दिया है कि अपराधी चाहे किसी भी पद या वर्दी में क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकता।
इसहाक खलखो की गिरफ्तारी ने यह संकेत दिया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशील और सक्रिय है। आगे की जांच जारी है और पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि पीड़िता को हर प्रकार की सुरक्षा, कानूनी मदद और न्याय मिले। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत अपराध है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और अपराधी चाहे किसी भी वर्दी में छुपा क्यों न हो, कानून का शिकंजा उससे नहीं बचेगा।
