
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बैठक महज़ औपचारिकता साबित हुई है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि “तीन दिन तक चलने वाली बैठक महज़ दो दिन में ही खत्म कर दी गई। यह साफ दर्शाता है कि सरकार के पास चर्चा करने के लिए कोई ठोस मुद्दा ही नहीं था। एक तरफ़ अफसर और मंत्री मीटिंग में व्यस्त थे, दूसरी ओर राज्यभर में अपराध की घटनाएँ लगातार घट रही थीं।”

उन्होंने घटनाओं का सिलसिलेवार ज़िक्र करते हुए कहा —
जगदलपुर में एक गर्भवती महिला को एम्बुलेंस न मिलने पर ग्रामीणों को खाट पर अस्पताल ले जाना पड़ा।
रायपुर के एक हॉस्टल में बदमाशों ने घुसकर मारपीट की घटना को अंजाम दिया।
कोरबा में एक कलाकार के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की गई।

बैज ने आगे कहा कि अपराधी बेखौफ़ होकर खुलेआम वारदात कर रहे हैं। “अपराधियों में डर खत्म हो गया है। वे पुलिस को ही चुनौती दे रहे हैं। दरअसल, आज पुलिस अपराधियों से नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं की दबंगई से कांप रही है। जनता की सुरक्षा के बजाय सत्ता का दबाव हावी है।”

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब राज्यभर में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है, तब इस तरह की बैठकों का क्या औचित्य है। “कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और भाजपा सरकार की नाकामी को उजागर करेगी।”
यह बयान छत्तीसगढ़ की राजनीति में नए विवाद को जन्म देता नज़र आ रहा है। भाजपा सरकार की नीतियों पर कांग्रेस ने एक बार फिर बड़ा हमला बोला है।
