
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस बार दीपावली का त्योहार भय और गंभीर अपराधों की वजह से सुर्खियों में है। केवल खुशियों और रोशनी के बजाय राज्य में छह हत्या की घटनाओं ने लोगों के मन में दहशत पैदा कर दी है। राजधानी रायपुर में मामूली विवाद के कारण एक युवक की हत्या हो गई, जबकि रायगढ़, कबीरधाम, धमतरी और सूरजपुर में परिवारिक और घरेलू विवाद ने छह लोगों की जान ले ली। इस बीच, लगातार बढ़ते अपराधों ने आम जनता के लिए चिंता का विषय बना दिया है।

रायगढ़ में पति-पत्नी की बेरहमी से हत्या
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र के भेंड्रा गांव के आश्रित कपाटडेरा में गुरुवार सिंह राठिया और उनकी पत्नी मनीता राठिया की लाश उनके ही घर के आंगन में मिली। दोनों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं और पास में ही एक लकड़ी का डंडा पड़ा हुआ था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक है कि हत्या डंडे से पीट-पीटकर की गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे और जांच शुरू कर दी। सुबह जब परिवार वालों ने दोनों की लाश खून से लथपथ हालत में देखी, तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई। गांव के कोटवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

रायपुर में सिर्फ 100 रुपये के विवाद पर हत्या
राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के भाठागांव में 21 अक्टूबर की रात ताहिर हुसैन नामक युवक की हत्या हो गई। मृतक ताहिर हुसैन बी.एस.यू.पी. कालोनी में चिकन दुकान में काम करता था। आरोपी सूरज यादव (23 वर्ष) और मदन यादव (31 वर्ष), जो दोनों भाई हैं, ने पैसे के मामूली विवाद के चलते ताहिर हुसैन की जान ले ली। दोनों ने कैंची से ताहिर के सीने और पेट पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ताहिर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कबीरधाम में घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या
22 अक्टूबर की सुबह कबीरधाम जिले के ग्राम सोढा निवासी अश्वनी बाई गेंड्रे (45 वर्ष) की हत्या उसके ही पति परशुराम गेंड्रे ने पारिवारिक विवाद के चलते सब्बल से की। घटना की जानकारी मिलते ही आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया। मृतका के शव का पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया। आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

धमतरी में दंपति की सामूहिक मृत्यु
धमतरी जिले के ग्राम हरदी में 20 अक्टूबर की रात लक्ष्मी यादव (20 वर्ष) और उनके पति हितेश यादव (22 वर्ष) के साथ गंभीर घटना हुई। अगले दिन सुबह जब दोनों दरवाजा नहीं खोल रहे थे, तो मृतका के जेठ ने कमरे में झाँक कर देखा तो लक्ष्मी यादव का शव जमीन पर पड़ा था और हितेश यादव फांसी के फंदे पर लटका था। प्राथमिक जांच में पता चला कि मृतक हितेश यादव ने सोशल मीडिया पर स्टेट्स में अपनी पत्नी की हत्या की बात कबूल की थी। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपनी पत्नी को मार दिया और खुद भी आत्महत्या कर रहे हैं। इस घटना ने परिवार और गांव में शोक का माहौल पैदा कर दिया।
सूरजपुर में खाना न बनाने पर पत्नी की हत्या
सरगुजा संभाग के सूरजपुर जिले में अतवार सिंह (38 वर्ष) ने अपनी पत्नी मंगली बाई की हत्या कर दी। आरोपी ने अपनी पत्नी की खाना न बनाने पर उसे बेरहमी से पीटा और मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, लेकिन पड़ोसियों के संदेह के कारण मृतिका को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया।
इन घटनाओं से स्पष्ट है कि दीपावली के इस पर्व में भी छत्तीसगढ़ में सुरक्षा और घरेलू हिंसा गंभीर समस्या बनी हुई है। लोग छोटे-छोटे विवादों में हिंसा के बढ़ते मामलों से भयभीत हैं। पुलिस और प्रशासन ने घटनाओं की जांच शुरू कर दी है, लेकिन राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और घरेलू तनाव को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
