
धमतरी। छत्तीसगढ़ में आबकारी एवं डीएमएफ घोटाले की जांच के बीच रविवार सुबह धमतरी शहर में उस समय खलबली मच गई, जब ACB और EOW की संयुक्त टीम ने पूर्व विधायक परिवार से जुड़े रियल एस्टेट कारोबारी केतन दोषी के निवास पर अचानक दबिश दी। महालक्ष्मी ग्रीन स्थित उनके घर पर दो अलग-अलग वाहनों से पहुंची लगभग 10 सदस्यीय टीम ने घर में प्रवेश करते ही जांच-पड़ताल शुरू कर दी।

टीम ने केतन दोषी से लंबी पूछताछ की और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। कई घंटों तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने घर के हर उस हिस्से की छानबीन की, जहां वित्तीय लेन-देन या प्रॉपर्टी सौदों से जुड़े कागज मौजूद हो सकते थे। टीम ने अनेक फाइलें, कागजात और डिजिटल रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए।
इस कार्रवाई की खबर शहर में फैलते ही रियल एस्टेट कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कई कारोबारी अपने दफ्तरों और ठिकानों पर दस्तावेजों को सुरक्षित करने में जुट गए। बताया जा रहा है कि ACB–EOW टीम सुबह से ही धमतरी सहित कई जिलों में आबकारी और डीएमएफ फंड से जुड़े संभावित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। इसी क्रम में केतन दोषी के घर भी टीम पहुंची।
धमतरी में राजनीतिक हलचल तेज — भूपेश बघेल ने लगाए गंभीर आरोप छापेमारी की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी धमतरी पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ACB और EOW की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि, “ACB और EOW का इस्तेमाल डराने-धमकाने और पैसा वसूलने के लिए किया जा रहा है। सरकार राजनीतिक द्वेष के आधार पर छापेमारी करवा रही है। फर्जी तरीके से लोगों को फंसाया जा रहा है। भाजपा नेताओं या उनके करीबियों पर कभी कार्रवाई नहीं होती। छापे केवल चुनिंदा लोगों पर ही पड़ रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपनी विफलताओं और घोटालों से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष से जुड़े लोगों पर कार्रवाई करवा रही है।
इस बीच ACB–EOW की कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जारी है। आधिकारिक तौर पर अभी तक न तो जब्त दस्तावेजों का विवरण जारी हुआ है और न ही आगे की कार्रवाई को लेकर कोई बयान आया है। लेकिन छापेमारी ने रियल एस्टेट सेक्टर और राजनीतिक गलियारों में बड़ी हलचल पैदा कर दी है।
