
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन के डायवर्सन (भूमि उपयोग परिवर्तन) की प्रक्रिया को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। आम नागरिकों को राहत देते हुए सरकार ने अब जमीन के डायवर्सन के लिए एसडीएम से अनुमति लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है, जिसे राजपत्र में भी प्रकाशित कर दिया गया है।

सरकार के इस फैसले के बाद लोगों को अब महीनों तक एसडीएम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राजस्व सुधार की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत लोग अब ऑनलाइन माध्यम से अपनी जमीन का डायवर्सन करा सकेंगे।

जारी अधिसूचना (RULE-8/76/2025-REVENUE) में स्पष्ट किया गया है कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 172(1) के अंतर्गत अब कुछ श्रेणियों की भूमि के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं होगी।
इन क्षेत्रों में नहीं लेनी होगी अनुमति—
- नगर निगम एवं नगरपालिका क्षेत्र
- नगर निगम व नगरपालिका की बाहरी सीमा से 5 किलोमीटर तक का क्षेत्र
- नगर पंचायत क्षेत्र
- नगर पंचायत की बाहरी सीमा से 2 किलोमीटर तक का क्षेत्र
- ग्रामीण क्षेत्र
हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया है कि इन भूमियों का पुनर्निर्धारण सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि आम लोगों को राजस्व कार्यालयों में होने वाली परेशानियों से भी निजात मिलेगी। इसे जनता के हित में लिया गया बड़ा और दूरदर्शी सुधार माना जा रहा है।
नीचे देखें अधिसूचना –

