
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी व्यवस्था में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। भौतिक सत्यापन के दौरान अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर दीपक सोनी ने सख्त रुख अपनाते हुए 10 उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी अधिकारियों से निर्धारित समय में जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सर्विस (कंडक्ट) रूल्स के तहत कार्रवाई की जाएगी।

भौतिक सत्यापन में मिली गंभीर लापरवाही
धान खरीदी के दौरान की गई जांच में कई केंद्रों पर निगरानी और रिकॉर्ड संधारण में गंभीर खामियां पाई गईं। इसे प्रशासन ने शासन की खरीदी व्यवस्था के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया माना है।
इन उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों को नोटिस
| उपार्जन केंद्र | नोडल अधिकारी |
|---|---|
| करमदा | सुशील पटेल |
| देवरी | शशि प्रकाश पटेल |
| मोहरा (सिमगा अनुभाग) | दीनदयाल चतुर्वेदी |
| सिमगा | सिकेश ध्रुव |
| अमेरा (पलारी अनुभाग) | प्रभात वर्मा |
| नरधा (कसडोल अनुभाग) | ओपी भारद्वाज |
| सर्वा | देवेश देवांगन |
| हसुवा | पुष्पेंद्र पटेल |
| बलदाकछार | योगेश कुमार ध्रुव |
फर्जी खरीदी का अलग मामला
खरतोरा धान खरीदी केंद्र में फर्जी धान खरीदी के आरोप सामने आने के बाद वहां के नोडल अधिकारी देवेंद्र वर्मा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाब के आधार पर आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।

