
भिलाई। छत्तीसगढ़ गंधर्व समाज द्वारा 26 जनवरी गणतंत्र दिवस का पावन पर्व भिलाई नगर (सुपेला) स्थित गंधर्व सामाजिक भवन एवं समाज के अन्य भवनों में अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय कार्यकारिणी भिलाई नगर, जिला कार्यकारिणी दुर्ग तथा समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान से कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी तेजराम जगदल्ले द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया और राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान संविधान और उसकी गौरवशाली विरासत को नमन किया गया।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में समाज के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से अशोक नायक, टी. आर. जगदल्ले, बेनीराम बघेल, सुनील कलिहारी, मंथीर चौहान, महेंद्र देवदास, काशी कुलदीप एवं श्रीमती कुलदीप, रामचंद्र गंधर्व, उदेराम गंधर्व, अजित गंधर्व, रामरतन सोनवानी, बीरेंद्र देवदास, धर्मेंद्र तांडिया, राजू देवदास तथा युवा मंडल गंधर्व समाज भिलाई नगर के अध्यक्ष खेमराज गंधर्व सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

देशभक्ति गीतों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
ध्वजारोहण के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बच्चों और युवाओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य एवं नाटक प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की। इन प्रस्तुतियों ने वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।

सामाजिक एकता और कर्तव्यों पर जोर
समाज के वरिष्ठ सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाने का दिन है। उन्होंने समाज में आपसी सहयोग, भाईचारा और एकता बनाए रखने का संदेश दिया।
मिठाई वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन मिठाई वितरण और सामूहिक जयघोष के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने समाज में राष्ट्रीय गौरव, देशभक्ति और सामाजिक एकता की भावना को और अधिक मजबूत किया।
गंधर्व समाज द्वारा आयोजित इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि समाज की एकता ही राष्ट्र की शक्ति है, और संविधान के प्रति निष्ठा रखते हुए सभी को मिलकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए।
