
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला अस्पताल से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां बर्न वार्ड में भर्ती एक युवती ने अस्पताल के महिला प्रसाधन कक्ष में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्टाफ व मरीजों के परिजनों में हड़कंप की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, कोंडागांव जिले की रहने वाली 20 वर्षीय दशमती नेताम धमतरी शहर के बस स्टैंड के पीछे स्थित हरिओम राइस मिल में काम करती थी। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले वह अपने कमरे में खाना बना रही थी। इसी दौरान दाल बनाते समय अचानक आग भड़क गई और वह उसकी चपेट में आ गई। इस हादसे में युवती का चेहरा और शरीर का कुछ हिस्सा बुरी तरह झुलस गया था। घटना के बाद उसे तत्काल उपचार के लिए धमतरी जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बर्न वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया था।

बताया जा रहा है कि युवती करीब एक दिन से अस्पताल में भर्ती थी और उसका इलाज चल रहा था। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, घटना वाले दिन युवती ने बाथरूम जाने की बात कहकर वार्ड से बाहर जाने की अनुमति ली। कुछ देर तक जब वह वापस नहीं लौटी तो अस्पताल स्टाफ को संदेह हुआ। इसके बाद जब महिला प्रसाधन कक्ष की जांच की गई तो वहां युवती अपने दुपट्टे से फांसी के फंदे पर लटकी मिली। यह दृश्य देखकर स्टाफ के होश उड़ गए और तत्काल इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन तथा पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और मौके का मुआयना किया। पुलिस ने युवती को फंदे से नीचे उतारकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

इस घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय हो गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचएमओ) डॉ. उत्तम कौशिक, सिविल सर्जन डॉ. अरुण टोनडर और धमतरी सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा।

प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि युवती हादसे में झुलसने के बाद मानसिक तनाव में थी, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अस्पताल प्रबंधन से भी यह पूछा जा रहा है कि बर्न वार्ड जैसे संवेदनशील विभाग में भर्ती मरीज पर निगरानी क्यों नहीं रखी जा रही थी और वह बिना किसी रोक-टोक के बाथरूम तक कैसे पहुंच गई।
इस घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त सुरक्षा और मॉनिटरिंग व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने भी अस्पताल प्रबंधन से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और युवती के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।
