
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की लापरवाही ने गंभीर रूप ले लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से उन्हें राशन दुकानों से चावल नहीं मिल रहा, जिससे गरीब परिवारों के सामने रोजमर्रा के खाने का संकट खड़ा हो गया है।

इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि कलेक्टोरेट पहुंचे। खाद्य अधिकारी से मुलाकात नहीं होने पर नाराज लोगों ने उनके चेंबर में ही धरना शुरू कर दिया। धरने में नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों की उदासीनता के कारण हितग्राहियों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।

धरने के दौरान नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द राशन वितरण शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि राशन गरीबों का अधिकार है और इसे समय पर उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
नेताओं ने यह भी दावा किया कि समस्या केवल गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी लोग राशन के लिए भटक रहे हैं। बावजूद इसके, जिम्मेदार विभाग स्थिति को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
