
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में जल्द ही एनालॉग पनीर की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके अलावा ‘स्वस्थ बस्तर अभियान’ के दूसरे चरण की शुरुआत, मलेरिया नियंत्रण, 108 एंबुलेंस सेवा के विस्तार और मेकाहारा अस्पताल के आधुनिकीकरण जैसे अहम फैसलों की भी घोषणा की गई।

मंत्री ने बताया कि स्वस्थ बस्तर अभियान के पहले चरण में दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। अभियान के बेहतर परिणामों को देखते हुए केंद्र से राज्य को 400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और नए कार्यक्रमों के संचालन में किया जाएगा।

मलेरिया के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में तीन लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान के जरिए बीमारी पर नियंत्रण पाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस संचालित की जा रही हैं। इससे ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
वहीं, मेकाहारा (डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल) में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद अस्पताल के व्यापक नवीनीकरण का फैसला लिया गया है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से अस्पताल की विद्युत व्यवस्था, एसी सिस्टम और अन्य बुनियादी सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनालॉग पनीर की बिक्री पर जल्द ही औपचारिक प्रतिबंध लागू किया जाएगा, क्योंकि आम जनता के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
