
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में SECL की दीपका विस्तार परियोजना को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हरदीबाजार में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी के बीच SECL ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के भवन को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

शुक्रवार सुबह हुई इस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण दीपका स्थित SECL के मुख्य महाप्रबंधक (GM) कार्यालय पहुंचे। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।

18 हेक्टेयर जमीन बना विवाद की वजह
ग्रामीणों का कहना है कि दीपका विस्तार परियोजना के लिए करीब 18 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण से कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि मुआवजा निर्धारण में विसंगतियां हैं, जबकि पुनर्वास और बसाहट की प्रक्रिया भी धीमी गति से चल रही है। ग्रामीण प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा, पुनर्वास, नई बसाहट और रोजगार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन मुद्दों का स्थायी समाधान होने से पहले इस तरह की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

विधायक की मौजूदगी में तालाबंदी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों और लंबित मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, SECL और जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर फिलहाल विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CHC भवन टूटने के बाद शुरू हुआ विरोध अब SECL कार्यालय की तालाबंदी तक पहुंच गया है। ऐसे में दीपका विस्तार परियोजना को लेकर SECL प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच गतिरोध और बढ़ने के संकेत हैं।
