Saturday, March 28, 2026
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मोपका में करोड़ों के मकान का फर्जी सौदा, एयू बैंक में गिरवी निकला मकान, मालिकाना हक भी नहीं था, फिर भी कर दिया एग्रीमेंट! दो गिरफ्तार…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र में एक स्कूल संचालक के साथ करोड़ों के मकान सौदे में बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल संचालक के परिचित ने अपने साथी के साथ मिलकर न सिर्फ 40 लाख रुपये हड़प लिए, बल्कि उसी मकान का दूसरा एग्रीमेंट करवाकर पूरे सौदे को फर्जी तरीके से बदलने की भी कोशिश की। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

कैसे हुआ पूरा धोखाधड़ी का खेल

टीआई प्रदीप आर्य ने बताया कि, सूर्या विहार, सरकंडा निवासी 57 वर्षीय अजीत शुक्ला स्कूल संचालक हैं। उनकी जान-पहचान राजकिशोर नगर निवासी दिनेश प्रताप सिंह (66) से थी। अक्सर मुलाकात होने के कारण अजीत शुक्ला ने दिनेश पर भरोसा कर लिया था। अप्रैल 2024 में दिनेश ने अजीत को अपने परिचित भास्कर त्रिपाठी (56) से मिलवाया। दिनेश ने बताया कि भास्कर मोपका स्थित विवेकानंद कॉलोनी में अपना मकान बेचना चाहता है। अजीत शुक्ला को भी अपने स्टाफ और परिवार के लिए एक बड़े मकान की जरूरत थी, इसलिए वह मकान देखने पहुंचे। मकान पसंद आने पर उन्होंने 24 अप्रैल को एग्रीमेंट कर 36 लाख रुपये चेक के माध्यम से भुगतान कर दिए। शेष राशि रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई।

महत्वपूर्ण जानकारी छुपाई गई

एग्रीमेंट के अनुसार तीन महीने के भीतर रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन इसी दौरान अजीत को पता चला कि जिस मकान का सौदा हुआ, वह अभी भास्कर के नाम पर आया ही नहीं था। इतना ही नहीं, वह मकान रायपुर स्थित एयू बैंक में पहले से ही गिरवी रखा गया था। इन गंभीर तथ्यों की जानकारी भास्कर और दिनेश दोनों ने उनसे छिपाई, जिससे अजीत को संदेह हुआ।

इसी बीच अजीत शुक्ला को पता चला कि भास्कर और दिनेश ने उसी मकान का दूसरा एग्रीमेंट किसी और व्यक्ति से भी कर लिया है। इससे स्पष्ट हो गया कि दोनों पूरे सौदे को फर्जी तरीके से दोहराकर धोखाधड़ी करने की योजना बना चुके थे।

पीड़ित की शिकायत के बाद कार्रवाई

पूरा मामला सामने आने के बाद अजीत शुक्ला ने सरकंडा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों—दिनेश प्रताप सिंह और भास्कर त्रिपाठी—को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस तरह की धोखाधड़ी किसी और के साथ भी की गई है।

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