
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए एक साथ 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। खास बात यह है कि यह आदेश विधानसभा सत्र के दौरान जारी किया गया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस फेरबदल में कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, वहीं कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागीय जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

जारी आदेश के मुताबिक, दंतेवाड़ा के कलेक्टर कुणाल दुदावत को अब कोरबा जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, अब तक कोरबा जिले की कमान संभाल रहे अजीत वसंत को सरगुजा जिले का कलेक्टर बनाया गया है। इसके साथ ही सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर को एक नई और अहम जिम्मेदारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के पद पर पदस्थ किया गया है। यह नियुक्ति भारत निर्वाचन आयोग की स्वीकृति के बाद अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।

इसी क्रम में सुकमा के कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव को दंतेवाड़ा जिले का कलेक्टर बनाया गया है। वहीं नारायणपुर की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई को बेमेतरा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बेमेतरा के कलेक्टर रहे रणबीर शर्मा को अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का प्रबंध संचालक (MD) नियुक्त किया गया है। उनके पदभार ग्रहण करने के बाद संजीव कुमार झा को NHM के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

इस तबादला सूची में 2019 बैच के दो आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर पद की जिम्मेदारी मिली है। बिलासपुर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को सुकमा जिले का कलेक्टर बनाया गया है, जबकि रायपुर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ नम्रता जैन को नारायणपुर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
अन्य आदेशों के तहत, प्रकाश कुमार सर्वे को नगर निगम बिलासपुर का आयुक्त, गजेंद्र सिंह ठाकुर को जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और रोमा श्रीवास्तव को मंत्रालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि क्रमांक 2 से 10 तक किए गए सभी स्थानांतरण भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुरूप किए गए हैं। साथ ही, निर्वाचन आयोग से जुड़े पदों को आईएएस वेतन नियम 2016 के तहत प्रवर श्रेणी वेतनमान के समकक्ष घोषित किया गया है।
कुल मिलाकर, विधानसभा सत्र के बीच हुए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को राज्य शासन की रणनीतिक और चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे कई जिलों में प्रशासनिक कार्यशैली और गति में बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है।
