
बिलासपुर। भारत की अस्मिता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि के अवसर पर सर्व राजपूत क्षत्रिय समाज, बिलासपुर द्वारा श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 19 जनवरी को दोपहर 1 बजे महाराणा प्रताप चौक में गरिमामय एवं भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ जनों, युवाओं, बुद्धिजीवियों सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर वक्ताओं ने महाराणा प्रताप जी के त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल सम्राट अकबर जैसी शक्तिशाली सत्ता के सामने भी कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। मातृभूमि की स्वतंत्रता और क्षत्रिय स्वाभिमान की रक्षा के लिए उन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपना संकल्प अडिग बनाए रखा। हल्दीघाटी का युद्ध उनके अद्वितीय शौर्य, रणकौशल और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।

वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप जी का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है, जो आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। सर्व राजपूत क्षत्रिय समाज, बिलासपुर ने कार्यक्रम में शामिल सभी समाजजनों, नागरिकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रमुख रूप से देवेंद्र सिंह, प्रियंक परिहार, चित्तू सिंह, विक्रम सिंह, प्रकाश सिंह, कल्याण सिंह, बसंत सिंह, अतुल सिंह, नीटू परिहार, रौशन सिंह एवं राजा ठाकुर सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
