
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र के गतौरा स्थित शासकीय कम्पोजिट मदिरा दुकान में हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ACCU बिलासपुर और मस्तूरी पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कर्ज के बोझ से छुटकारा पाने और रुपये जुटाने के लिए शराब दुकान में रखी नकदी लूटने की योजना बनाई थी।

दरअसल, 3 अगस्त 2026 की सुबह करीब 3:30 बजे चार नकाबपोश बदमाश गतौरा शराब दुकान पहुंचे थे। सभी ने काले कपड़े पहन रखे थे। आरोपियों ने वहां तैनात सुरक्षाकर्मी साहिल राय और हरकुंवर पंकज को चाकू की नोक पर धमकाते हुए दुकान की चाबी मांगी। सुरक्षाकर्मियों ने चाबी नहीं होने की बात कही तो बदमाशों ने हरकुंवर पंकज के सिर, माथे और दाहिने हाथ पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसके बाद दोनों सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पैर बांध दिए गए।

लॉकर काटने के लिए लाए थे गैस कटर और ग्राइंडर
सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाने के बाद आरोपी शराब दुकान का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए। उनका मुख्य निशाना दुकान में रखा लॉकर और उसमें मौजूद नकदी थी। आरोपियों ने ग्राइंडर कटर मशीन और छेनी की मदद से लॉकर तोड़ने की कोशिश की, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी लॉकर नहीं टूट सका।नकदी नहीं मिलने पर आरोपियों ने दुकान के काउंटर में रखी शराब की कुछ बोतलें, दोनों सुरक्षाकर्मियों के दो मोबाइल फोन और CCTV कैमरे का DVR अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद वे दोपहिया वाहनों से मौके से फरार हो गए।

पुलिस से बचने DVR नदी में फेंका
आरोपियों को डर था कि CCTV फुटेज के जरिए पुलिस उन तक पहुंच सकती है। इसलिए वारदात के बाद उन्होंने CCTV का DVR नदी में फेंक दिया। पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज के साथ तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। इसी आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची।

पहले मोपका शराब दुकान को बनाया था निशाना
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वारदात से पहले उन्होंने मोपका स्थित शराब दुकान को लूटने की योजना बनाई थी। चारों आरोपी देवरीखुर्द से दोपहिया वाहनों पर निकले थे। सुशील निर्मलकर की नीले रंग की स्कूटी और पिंटू निषाद की बाइक से वे पहले बूटा पारा-फरहदा मार्ग होते हुए मोपका पहुंचे। मोपका शराब दुकान के आसपास ज्यादा चहल-पहल होने के कारण वे वहां वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने चिल्हाटी-फरहदा के रास्ते गतौरा का रुख किया और वहां लूट की योजना को अंजाम दिया।
कर्ज में डूबे थे आरोपी
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान थे। कर्ज चुकाने और रुपये जुटाने के लिए उन्होंने अपने साथियों अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना, सुशील निर्मलकर, पिंटू निषाद और एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर शराब दुकान में लूट की साजिश रची थी।
सामान बरामद
वारदात को सफल बनाने के लिए पहले से ही गैस कटर, ग्राइंडर कटर मशीन, छेनी, रस्सी, चाकू और अन्य औजार जुटाए गए थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और स्कूटी, लूटे गए दो मोबाइल फोन, गैस कटर, ग्राइंडर कटर मशीन, छेनी, धारदार चाकू, रस्सी सहित अन्य सामान बरामद किया है।
CMS कंपनी में काम कर चुका है फरार आरोपी
मामले का एक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस के अनुसार फरार आरोपी पहले CMS Info System कंपनी में काम करता था और शासकीय शराब दुकानों से नकद राशि कलेक्शन करने का काम करता था। पुलिस अब उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस टीम फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पूरे मामले की विवेचना जारी है।
गिरफ्तार आरोपी –
1. अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना, उम्र 24 वर्ष, निवासी देखरीखुर्द, थाना तोरवा
2. पिंटू निषाद, उम्र 25 वर्ष, निवासी धान मंडी के पीछे, तोरवा
3. सुशील निर्मलकर, उम्र 24 वर्ष, निवासी हेमूनगर अटल आवास, थाना तोरवा
