
सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और संकुल समन्वयक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों पर बीमार शिक्षक से 10 हजार रुपये की अवैध वसूली का आरोप है।

कैसे खुला मामला
प्रार्थी निरंजन बरिहा, जो पूर्व माध्यमिक शाला झीकीपाली में शिक्षक हैं, ने एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे और उनके साथी शिक्षक मुकेश सोना इलाज के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज गए थे, जिसके चलते स्कूल में देरी हुई। इस देरी को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र जांगड़े ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जवाब देने के बावजूद मार्च माह का वेतन रोक दिया गया।

रिश्वत की मांग
वेतन जारी करने के नाम पर BEO ने 5-5 हजार रुपये यानी कुल 10 हजार रुपये की मांग की थी। आरोप है कि इस मांग में संकुल समन्वयक संजय चौहान भी शामिल था।
शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई और आज 17 अप्रैल को दोनों आरोपियों को प्रार्थी से रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
शिक्षकों में आक्रोश
स्थानीय शिक्षकों के अनुसार, दोनों अधिकारियों की कथित अनावश्यक वसूली से शिक्षक लंबे समय से परेशान थे। कई शिक्षकों ने पहले भी इस संबंध में शिकायत की थी।
आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं 7 और 12 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
