
सरगुजा/अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर कथित धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। एक महिला ने केवल 24 डिसमिल जमीन बेचने का सौदा किया था, लेकिन ऑनलाइन दस्तावेजी प्रक्रिया के जरिए उसकी पूरी 3.14 एकड़ जमीन का विक्रय दर्ज कर लिया गया। मामले की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

भिट्ठीकला गांव की रहने वाली सावित्री यादव ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए बताया था कि उनकी कुल 1.271 हेक्टेयर (करीब 3.14 एकड़) भूमि है। उन्होंने इस भूमि में से केवल 24 डिसमिल जमीन रायपुर निवासी पुष्पा अग्रवाल को बेचने का सौदा 72 लाख रुपये में किया था। आरोप है कि इसी सौदे की आड़ में षड्यंत्रपूर्वक पूरी जमीन का फर्जी विक्रय पत्र तैयार कर पंजीयन करा लिया गया।

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और तहसीलदार द्वारा की गई जांच में पाया गया कि वास्तविक सौदा सीमित भूमि का था, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया में पूरी जमीन का विक्रय दर्ज कर दिया गया। मौका निरीक्षण, पटवारी रिपोर्ट और दस्तावेजों के परीक्षण में भी अनियमितताएं सामने आईं।

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर ने कथित फर्जीवाड़े में शामिल खरीदार पुष्पा अग्रवाल सहित छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आरोपियों में सागर विश्वकर्मा, डोमन राजवाड़े, जीतन विश्वकर्मा, आशीष उर्फ बाबा और दस्तावेज लेखक कमर कादरी के नाम भी शामिल हैं।
कलेक्टर ने संबंधित थाने में तत्काल एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा कार्रवाई की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
