
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा को जान से मारने की धमकी देकर लाखों रुपये और सोने के जेवर हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के बेटे समेत चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और अपराध की रकम से खरीदी गई एक एक्टिवा भी जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, राजीव विहार निवासी 77 वर्षीय सेवानिवृत्त एसईसीएल कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई कि उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उन्होंने बैंकिंग और घरेलू जिम्मेदारियां अपनी नातिन को सौंप रखी थीं। इसी का फायदा उठाकर जनवरी 2025 से आरोपी आयुष यादव और उसके साथियों ने छात्रा को उसके परिवार के लोगों और छोटे बच्चों की हत्या तथा सड़क दुर्घटना कराने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

डरी-सहमी छात्रा ने आरोपियों के दबाव में अपने दादा-दादी के एसबीआई और सहकारी बैंक खातों से एटीएम और फोन-पे के माध्यम से किस्तों में करीब 14 लाख 50 हजार रुपये निकालकर उन्हें दे दिए। जब बैंक खाते खाली हो गए तो आरोपियों ने छात्रा को घर के लॉकर से करीब 450 ग्राम सोने के आभूषण—हार, चेन, अंगूठी, झुमके, टीका सहित अन्य जेवर—लाकर देने के लिए मजबूर कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, सीएसपी तिलेश्वर प्रसाद यादव और थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में आयुष यादव (22), आदर्श शर्मा (19), प्रिंस साहू (18) और आदित्य पांडे (19) शामिल हैं। इनके कब्जे से 40 हजार रुपये नकद, दो सोने की अंगूठियां, एक चेन, मोबाइल फोन और अपराध की रकम से खरीदी गई एक्टिवा बरामद की गई है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं मामले के फरार आरोपी प्रियम शर्मा और शौर्य करोलिया की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी आयुष यादव के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
