
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला लगातार जारी है। बरसात के मौसम और मांड नदी के बढ़ते जलस्तर के बावजूद रेत माफिया बेखौफ होकर नदी के भीतर ट्रैक्टर-ट्रॉली उतार रहे हैं। कूड़ेकेला-बंगरसूता पुल के पास अवैध रेत खनन के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी की तेज धारा में फंस गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार चालक नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर ट्रॉली में भर रहा था। इसी दौरान लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और ट्रैक्टर-ट्रॉली बीच धारा में फंस गई। स्थिति बिगड़ती देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि ट्रॉली नदी के बीच ही फंसी रह गई।

इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसून के दौरान नदी-नालों में खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध होने के बावजूद खुलेआम अवैध रेत उत्खनन जारी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से रेत माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत का कारोबार चल रहा है, लेकिन संबंधित विभाग की निष्क्रियता के कारण इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
फिलहाल घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में बरसात और नदी के उफान के बीच भी मांड नदी से अवैध रेत उत्खनन का कारोबार बेखौफ जारी है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
