
बिलासपुर, 25 जुलाई 2026। नगर निगम में भाजपा की सरकार बनने के बाद शहरवासियों को तेज़ विकास और बेहतर प्रशासन की उम्मीद थी। महिला मेयर के नेतृत्व में नई कार्यशैली की भी चर्चा रही, लेकिन पिछले कुछ महीनों में एमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) की बैठकों में लगातार सामने आ रहे विवाद अब राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ रहे हैं।

बैठकों के दौरान सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक, आरोप-प्रत्यारोप और तल्ख टिप्पणियां यह संकेत दे रही हैं कि शहर सरकार के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन घटनाओं से संगठन के अंदर गुटबाजी और वर्चस्व की राजनीति की चर्चा तेज़ हो गई है। इसका असर न केवल निगम के कामकाज पर पड़ सकता है, बल्कि जनता के बीच भी सरकार की छवि प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

इधर, विपक्षी कांग्रेस भी इस माहौल का राजनीतिक लाभ उठाने में जुटी दिखाई दे रही है। हाल की बारिश और जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया, विरोध दर्ज कराया और सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इन मुद्दों के जरिए नगर निगम के खिलाफ जनमत तैयार करने की कोशिश कर रही है।

एमआईसी की बैठकों में कई बार ऐसी स्थिति भी बनी, जब अधिकारियों को माहौल शांत कराने और बैठक को मर्यादा में चलाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। इससे यह सवाल भी उठने लगा है कि यदि सत्ताधारी दल के प्रतिनिधि ही सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर निशाना साधेंगे तो प्रशासनिक कामकाज किस तरह प्रभावित होगा।
बीते महीनों के प्रमुख विवाद
8 जून 2026: सदस्यों को “निष्क्रिय” बताए जाने पर मेयर और पार्षद बंधु मौर्य के बीच तीखी बहस।
30 अप्रैल 2026: अवैध वसूली के मुद्दे पर स्वच्छता अधिकारी को फटकार, बैठक में हंगामे की स्थिति।
19 सितंबर 2025: स्वच्छता पेट्रोलिंग टीम पर व्यापारियों से वसूली के आरोपों को लेकर विवाद।
4 अगस्त 2025: फर्जी आर्किटेक्ट से नक्शे पास होने के मामले में भवन शाखा के इंजीनियरों पर सवाल।
10 जून 2025: भवन शाखा के अधिकारी के एक्सटेंशन को लेकर लेनदेन के आरोपों से एमआईसी बैठक गरमाई।
लगातार सामने आ रहे इन विवादों ने यह बहस तेज़ कर दी है कि नगर निगम में राजनीतिक समन्वय और अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता है, ताकि विकास कार्यों पर इसका असर न पड़े और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरा जा सके।
